India Needs Indians

Just watched 1st Episode TED Talk and again thoughts about doing or giving back something to our own country bubbled again. Being a travelled to so many countries in the world and after comparing my own country we often disregard our country in all respects whether it's culture, society , development and education but we …

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ख़यालो से ख़्वाब तक

रख देता हूँ ख़यालो को अब ख़्वाबों में देखें क्या हाथ में सहर होते होते कभी ख़्वाब भी मुक़ामिल हुआ करते थे अब तो ख़यालो से रह गुज़र होती है वो जो कभी अपने हुआ करते थे अब ख़यालो में भी भीड़ के तरह होते हैं हम इशारे से गर बुला भी लें ख़्वाबों में …

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वक़्त

कभी उलझता सा कभी सुलझता सा कभी बिगड़ता सा कभी संवरता सा जाने ये वक़्त क्यूं मुझसे आंख मिलचोली करता सा कभी बचपन का कभी लड़खपन का जाने क्या क्या रंग दिखता सा कभी हाथ में मेरे कभी हाथों से परे अपनी अहमियत दिखता सा कभी चलता हवा की गति कभी धीमी धीमी नदी सा …

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ख़्वाब

ख़्वाबों में से एक ऐसा मेरा ख़्वाब शिददत जैसा मेरा वो ख़्वाब जीने का सबब उम्मीद का बांध देखूं रोज़ तो नींद है आती तकिये जैसा मेरा वो ख़्वाब कभी हँसता हुआ कभी मायूस फिर भी खिलता  हिम्मत जैसा मेरा वो ख़्वाब कभी मिलों दूर  कभी बिल्कुल पास मंजिल जैसा मेरा वो ख़्वाब कभी राहों …

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Healing Guilt, Shame and Regret

https://wp.me/p3PJzj-9t Read a beautiful note on the mentioned subject. It's more often in closed minded society where the definition of Guilt, Shame, Anger and Regret is taken in worst meaning of them.  Is human perfect in doing everything really not we are driven by emotions which can vary time to time. Had everything done correctly …

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