दायरा

रिश्तों के कुछ नाम हों मेरे मोहहले के लिए ही सही उन्न कुछ चुनिंदा लोगों के लिए मेरी घुटन के कुछ नाम तो हों है कौन वो जो मेरे होने का हक़ इतने हक़ से जताते हैं गर उनके साथ नहीं तो अजनबी सा चेहरा दिखा जातें हैं मेरी साँसों को उनका कर्ज़ दिखा रोज़ …

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